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जब अटल जी ने मोदी से कहा था, ‘अब तुम्हारी जरूरत नहीं, दिल्ली छोड़ दो’, जानिए क्या है पूरा मामला…?

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जब अटल जी ने मोदी से कहा था, ‘अब तुम्हारी जरूरत नहीं, दिल्ली छोड़ दो’, जानिए क्या है पूरा मामला…?

पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपाई के निधन से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है, अटल जी को शुक्रवार को अंतिम विदाई दे दी गई है, लेकिन लोगोंं के ह्रदय में वो हमेशा राज करेंगे लोगो का कहना है की अटल जी अब अटल जी नहीं बल्टी “अमर अटल” हो चुके है, अटल जी के जाने से भारतीय राजनीती का एक अध्याय पूरी तरह से समाप्त हो गया है, अटल जी को शब्दों में पिरो पाना संभव नहीं है, क्योंंकि अटल अपने आप में ही अंतत है, जो हमेशा हम सभी के बीच में रहेंगे, अटल जी का राजनीतिक सफर किसी से छिपा नहीं है, हमेशा अपने अटल फैसले को लेकर जाने वाले स्वर्गीय प्रधानमंत्री वाजपेयी जी को भूला पाना संभव नहीं है, तो चलिये जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या विशेष है ???

भाजपा को शून्य से सत्ता के शिखर पर बिठाने वाले अमर हो चुके अटल बिहारी के बारे में जितना कहाँ जाए उतना कम है, अटल बिहारी ने भाजपा में नेताओं की एक पूरी पीढ़ी तैयार की है। अटल बिहारी जी का सम्मान सिर्फ उनकी पार्टी ही नहीं, बल्कि विपक्षी पार्टियाँ भी करती है, आज हम अटल बिहारी और प्रधान मंत्री मोदी के रिश्ते के बारे में कुछ विशेष जानकारियाँ देंगे, एक समय था, जब श्री नरेंद्र मोदी की इतनी लोकप्रियता नहीं थी, जितनी आज है, लेकिन वो अटल जी है, जिन्होंने मोदी को इस पद विशेष तक पहुँचाया है !

अटल बिहारी भाजपाई जी और मोदी जी का रिश्ता काफी गहरा है, अटलजी को प्रधान मंत्री मोदी हमेशा अपना गुरू मानते हैं, और यही कारण है कि प्रधान मंत्री मोदी अक्सर अटल जी की चर्चा करने से पीछे नहीं हटते हैं, भले ही आज प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा की सफलताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन सत्य तो यह है कि पर्दे के पीछे से अटल जी 2014 से ही भाजपा को संभाल रहे हैं, जिस कारण से आज 29 से अधिक राज्योंं में भाजपा सत्ता पर राज क्र रही है !

स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने भाजपा को पूरी तरह से निखारा है, लेकिन एक बार अटल ने “नरेंद्र मोदी जी” से कहाँ था कि तुम दिल्ली छोड़कर चले जाओ, जिसके बाद गुजरात में काफी बड़ा भूचाल देखने को मिला था, दरअसल, 1995 में जब गुजरात में भाजपा सत्ता में आई थी, तब नरेंद्र मोदी को दरकिनार करते हुए केशुभाई पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया है, जिसके बाद फिर से 1998 में गुजरात में चुनाव हुए तो भी नरेंद्र मोदी को दिल्ली में ही बांँधकर रखा गया, जोकि अटल बिहारी को पसंद नहीं आया था !

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार माने तो जब 2001 में गुजरात में भूकंप आया था तो तत्कालीन भाजपा. सरकार परिस्थितियाँ संभालने में असफल हुई थी, जिसके कारण से अटल जी ने नरेंद्र मोदी जी को तुरंत फोन कर मिलने के लिए बुलाया था, उस समय में अटल जी प्रधानमंत्री थे, प्रधानमंत्री आवास से जब फोन आया तो नरेंद्र मोदी जी किसी के अंतिम संस्कार में गए थे, जिसके कारण से वो हड़बड़ा गए थे, जब नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री आवास पहुँचे तो अटल जी ने कहाँ कि अब तुम्हारी आवश्यकता दिल्ली में नहीं, इसलिए दिल्ली छोड़ दो, इसके बाद नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के लिए रवाना हो गए !

अटल जी के इस एक निर्णय प्रधानमंत्री मोदी जी का कद आज दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, नरेंद्र मोदी 2002, 2007 और 2012 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में भारत के पीएम बने, पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी जी अपने लगभग सभी भाषण में अटल बिहारी बाजपाई जी को याद करते हैं !!

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